(लखनऊ,UP)26सितंबर,2026
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सामाजिक समरसता और महान राष्ट्रीय विभूतियों के सम्मान से जुड़े सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण और विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में डॉ. बीआर आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना के तहत सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित आंबेडकर प्रतिमा स्थलों का विकास और सौंदर्याकरण कराया जाएगा। योजना के प्रथम चरण में 403 विधानसभा क्षेत्रों में 10-10, यानी कुल 4,030 प्रतिमा स्थलों को विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 403 करोड़ रुपये की धनराशि जिलाधिकारियों के निवर्तन पर आवंटित कर दी है।
योजना का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित आंबेडकर और अन्य महान विभूतियों की प्रतिमाओं को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक स्वरूप प्रदान करना है। शासन के दस्तावेज के अनुसार अनेक प्रतिमाएं छत और बाउंड्री वॉल जैसी आवश्यक सुविधाओं से रहित हैं, जिसके कारण वे मौसम, अतिक्रमण और उपेक्षा के प्रति संवेदनशील रहती हैं। ऐसे प्रतिमा स्थलों का संरक्षण करते हुए आसपास के क्षेत्र का भी सौंदर्याकरण किया जाएगा।
403 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित
योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 40300 लाख रुपये यानी 403 करोड़ रुपये की धनराशि प्राविधानित की गई थी। शासन के सितंबर 2026 के पत्र के अनुसार यह धनराशि अवमुक्त कर निदेशक, समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश के निवर्तन पर उपलब्ध करा दी गई। इसके बाद 22 सितंबर 2026 को निदेशालय स्तर से प्रदेश की 403 विधानसभाओं में स्थापित 4,030 प्रतिमा स्थलों के लिए 403 करोड़ रुपये जिलाधिकारियों के निवतन पर आवंटित कर दिए गए हैं।
इससे प्रत्येक प्रतिमा स्थल के विकास के लिए औसतन 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध होगी। हालांकि शासनादेश में स्थल विकास की अधिकतम लागत 40 लाख रुपये प्रति मूर्ति स्थल निर्धारित की गई है और वास्तविक कार्य का आकलन स्थल की आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा।
प्रतिमा स्थल बनेंगे सुरक्षित और आकर्षक
योजना के तहत प्रतिमा स्थलों पर रैलिंगयुक्त स्टील की सीढ़ी, प्रतिमा की छत, बाउंड्री, फिनिशिंग, हरियाली और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही स्वच्छ, व्यवस्थित और सम्मानजनक वातावरण तैयार किया जाएगा। प्रतिमा के नाम और उसके इतिहास को संक्षिप्त रूप में प्रदर्शित करने वाला 3×2.5 फीट आकार का सूचना बोर्ड भी लगाया जाएगा, जिसे जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।
योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर नई पीढ़ी में डॉ. आंबेडकर और अन्य महान राष्ट्रीय विभूतियों के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना को मजबूत करना भी है। शासन के अनुसार ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक मह प्रतिमाओं का दीर्घकालीन संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ प्रतिमा स्थलों को बेहतर सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। (साभार एजेंसी)
