हरियाणा SIR की फाइनल वोटर लिस्ट 6 नवंबर को होगी प्रकाशित

Hariyana

(चंडीगढ़,हरियाणा )25 अक्टूबर 2026.

हरियाणा में चल रहे वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का काम आखिरी चरण में पहुंच गया है। चुनाव आयोग 6 नवंबर को प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करेगा।

आयोग का कहना है कि अंतिम सूची में कई वोटरों के नाम हट सकते हैं और कई के रिकॉर्ड में त्रुटि हो सकती है। ऐसी स्थिति में वोटरों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। आयोग के प्रावधान के तहत फाइनल लिस्ट आने के बाद भी योग्य व्यक्ति अपना नाम जुड़वा सकता है और गलत जानकारी को ठीक करा सकता है। इसके लिए बीएलओ से संपर्क किया जा सकता है या वोटर सर्विस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

आंकड़ों की बात करें तो SIR के दौरान प्रदेश भर में लगभग 45 लाख वोटरों को नोटिस दिया गया था। सुनवाई के बाद उनमें से 2.10 लाख वोटर अपात्र पाए गए हैं। इससे पहले पहले दौर में ही 33.84 लाख नाम लिस्ट से हटाए जा चुके हैं। दोनों चरणों को मिलाकर कुल 36 लाख के करीब नाम सूची से बाहर होने का अनुमान है।

SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 221 थी। ऐसे में फाइनल लिस्ट में मतदाताओं की संख्या काफी कम हो सकती है। फिलहाल आयोग के पास ऐसा कोई सिस्टम नहीं है जिससे कोई व्यक्ति यह जांच सके कि फाइनल लिस्ट में उसका नाम है या नहीं, इसके लिए 6 नवंबर तक प्रतीक्षा करनी होगी।

यदि अंतिम सूची में किसी योग्य मतदाता का नाम नहीं मिलता है तो वह फॉर्म-6 के जरिए नाम जोड़ने के लिए क्लेम कर सकता है। वहीं नाम, पते में सुधार या विधानसभा बदलने के लिए फॉर्म-8 भरना होगा। यह आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के अलावा संबंधित ERO, AERO या BLO के माध्यम से भी किया जा सकता है।

फरीदाबाद में सबसे अधिक नाम हटे
प्रदेश में जारी 45 लाख नोटिसों पर सुनवाई लगभग पूरी हो चुकी है। 24 अक्टूबर तक 22 जिलों में 44,92,696 नोटिस दिए गए, जिनमें से 44,52,327 मामलों का निपटारा हो गया है, जो 99.1 प्रतिशत है। कुल 2,10,254 केसों में वोटर अपात्र मिले हैं।

इसमें सबसे ज्यादा मामले फरीदाबाद जिले के हैं। फरीदाबाद में 6,83,750 नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से 6,77,620 की सुनवाई हुई और 1,05,846 वोटर अपात्र पाए गए, जो पूरे प्रदेश के कुल अपात्र मामलों का करीब 50 फीसदी है। इसके बाद गुरुग्राम का नंबर है, जहां 4,75,477 नोटिस में से 4,74,884 की सुनवाई पूरी हुई और 13,250 मामले अपात्र मिले। (साभार एजेंसी)

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