(अयोध्या,UP) 07नवंबर,2026
रामनगरी अयोध्या आज दसवें दीपोत्सव पर एक बार फिर विश्व रिकॉर्ड बनाने जा रही है। राम की पैड़ी सहित सरयू तट के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये सजा दिए गए हैं। अवध विश्वविद्यालय के 35 हजार स्वयंसेवकों ने तीन दिन तक लगातार मेहनत कर शुक्रवार को दीप सजाने का काम पूरा कर लिया।
शाम को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सभी घाटों पर एक साथ दीप जलाए जाएंगे। इस बार का दीपोत्सव इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार देश के उपराष्ट्रपति रामनगरी के इस महापर्व के साक्षी बनेंगे।
दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रो. एसएस मिश्र के अनुसार शनिवार सुबह से स्वयंसेवक दीयों में तेल और बाती डालने का काम शुरू करेंगे। इसके लिए 900 घाट समन्वयक, 112 घाट प्रभारी और 27 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। हर टीम को अपने तय क्षेत्र में निर्धारित समय में काम पूरा करना है। दीप सज्जा पूरी होने के बाद कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने घाटों का निरीक्षण किया और कहा कि इतने बड़े लक्ष्य को समय पर पूरा करना चुनौती थी, लेकिन स्वयंसेवकों ने परिश्रम, अनुशासन और समर्पण से इसे संभव कर दिखाया।
पुष्पक विमान से आएंगे राम, होगा राजतिलक
अवधपुरी आज त्रेतायुग के उस स्वर्णिम प्रसंग को साकार करने जा रही है, जब 14 वर्ष का वनवास पूरा कर प्रभु श्रीराम माता सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। रामचरितमानस की चौपाई ‘अवधपुरी प्रभु आवत जानी, भई सकल सोभा कै खानी’ आज रामनगरी में जीवंत हो उठी है। रामकथा पार्क में सजे भव्य राम दरबार में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे।
‘पुनि पुष्पक चढ़ि कपिन्ह समेता, अवध चले प्रभु कृपा निकेता…’ की भावना शनिवार दोपहर साकार होगी। पुष्पक विमान के प्रतीक हेलीकॉप्टर से प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण अयोध्या पहुंचेंगे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्रियों और संतों के साथ उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद भरत मिलाप का प्रसंग होगा। पुष्पवर्षा के बीच प्रभु श्रीराम रामकथा पार्क पहुंचेंगे।
त्रेतायुग में महर्षि वशिष्ठ ने प्रभु श्रीराम का प्रथम राजतिलक किया था। उसी परंपरा की प्रतीकात्मक पुनरावृत्ति दीपोत्सव में होगी। ‘प्रथम तिलक वसिष्ठ मुनि कीन्हा, पुनि सब विप्रन्ह आयसु दीन्हा…’ की परंपरा के अनुसार उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री तिलक कर राज्याभिषेक करेंगे। इससे पहले सुबह 10 बजे साकेत महाविद्यालय से रामराज्याभिषेक शोभायात्रा निकलेगी, जिसमें पुष्पक विमान, रथ, घुड़सवार, सैनिकों की टुकड़ियां और रामकथा के प्रसंग अयोध्या को त्रेतायुगीन स्वरूप देंगे।
राम मंदिर परिसर में जलेंगे एक लाख दीप
राम जन्मभूमि परिसर में भी दीपोत्सव की तैयारियां पूरी हैं। मंदिर परिसर में एक लाख दीप जलाए जाएंगे। इसके लिए पूरे परिसर को पांच सेक्टर में बांटा गया है और 1500 कर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है। शुक्रवार को राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि राम मंदिर सहित परिसर के सभी 18 मंदिरों में दीप जलेंगे। राम मंदिर को विशेष फसाड लाइट से रोशन किया जाएगा और रामलला को विशेष भोग अर्पित होगा। शनिवार के साथ रविवार दीपावली पर भी मंदिर परिसर में दीप जलेंगे।
धर्मपथ पर लगेंगे 50 डिजिटल स्तंभ
इस वर्ष दीपोत्सव की थीम ‘नव भारत की नई अयोध्या’ रखी गई है। धर्मपथ पर 12-12 फीट ऊंचे 50 डिजिटल स्तंभ लगाए जा रहे हैं, जो रामायण के प्रसंगों और डिजिटल लाइट शो को प्रदर्शित करेंगे। रामकथा पार्क, हनुमानगढ़ी, बिरला मंदिर और सरयू ब्रिज सहित प्रमुख स्थलों को विशेष रोशनी से सजाया गया है।
दीपोत्सव में साकेत महाविद्यालय से निकलने वाली शोभायात्रा में 2500 कलाकार प्रस्तुति देंगे। 17 मंचों पर लोक कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे। राम की पैड़ी पर लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइट एंड साउंड शो होगा। सरयू तट पर ग्रीन आतिशबाजी और 2100 ड्रोन का शो आकर्षण का केंद्र रहेगा। 2147 श्रद्धालु सामूहिक आरती करेंगे और रामकथा पार्क में तीन देशों की रामलीला का मंचन होगा।
दीप सज्जा देखने पहुंच रहे देशी-विदेशी पर्यटक
राम की पैड़ी और घाटों पर दीयों से बनाई गई कलात्मक आकृतियां और रंगोलियां पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। देशी-विदेशी पर्यटक सजावट देखने पहुंच रहे हैं। अर्जेंटीना से आई कैरोलिना ने बताया कि उन्होंने पहली बार ऐसा दृश्य देखा है और उन्हें माहौल बहुत अच्छा लग रहा है। जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य के अनुसार दीपोत्सव में अयोध्या अपने गौरवशाली प्रसंग को दोहरा रही है। महंत गिरीश दास ने कहा कि 24 घंटे रामधुन और कीर्तन से गूंज रही रामनगरी त्रेतायुग को सजीव कर रही है।
वीवीआईपी के लिए 80 गोल्फकार्ट और 20 एसी बसें
दीपोत्सव में वीवीआईपी मेहमानों के लिए 80 गोल्फकार्ट, 10 ट्रैवलर और 20 एसी बसों की व्यवस्था की गई है। एआरटीओ गुलाब चंद्र के अनुसार एयरपोर्ट से होटल और आयोजन स्थलों तक अतिथियों को पहुंचाया जाएगा। दीप प्रज्ज्वलन के दौरान स्वयंसेवकों को सूती कपड़े पहनने, सिंथेटिक और ढीले कपड़ों से बचने और लंबे बाल बांधने की सलाह दी गई है। तेल डालते समय दीयों के आसपास तेल न फैलाने, जलते दीयों के पास ज्वलनशील सामग्री न रखने और भीड़ में धक्का-मुक्की से बचने के निर्देश भी दिए गए हैं।(साभार एजेंसी)
